शेखचिल्ली की कहानी : खीर | Sheikh Chilli Kheer Story In Hindi
शेखचिल्ली बेहद ही मूर्ख था और हमेशा मूर्खता भरी बातें करता था। उसकी मां अपने बेटे की मूर्खता भरी बातों से बहुत परेशान रहती थी। एक बार शेखचिल्ली ने अपनी मां से पूछा कि लोग मरते कैसे हैं? मां ने सोचा कि इस मूर्ख को कैसे समझाऊं, तो मां ने कह दिया कि लोग जब मरते हैं, तो बस उनकी आंखें बंद हो जाती हैं। मां की बात सुनकर शेखचिल्ली ने सोचा कि एक बार मर कर देखता हूं। मरने की बात सोचकर शेखचिल्ली ने गांव के बाहर जाकर एक गड्ढा खोदा और उसमें आंखें बंद करके लेट गया। रात हुई तो उस राह से दो चोर गुजरे। एक चोर ने दूसरे चोर से कहा कि अगर हमारे साथ एक और साथी होता, तो कितना अच्छा होता। हममें से एक घर के आगे रखवाली करता, दूसरा घर के पीछे नजर रखता और तीसरा आराम से जाकर घर के अंदर चोरी करता। शेखचिल्ली उन चोरों की बातें सुन रहा था, वो गड्ढे में से लेटे हुए अचानक बोल पड़ा, ”भाइयों मैं मर चुका हूं, लेकिन अगर जिंदा होता, तो तुम्हारी मदद जरूर करता।” शेखचिल्ली की बात सुनकर वो दोनों चोर समझ गए कि ये निहायत ही मूर्ख आदमी है। एक चोर ने शेखचिल्ली से कहा, ”भाई मरने की इतनी भी क्या जल्दी है, थोड़ी देर के लिए इस गड्ढे से...