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सिंड्रेला की कहानी | Cinderella Ki Kahani

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बहुत पुरानी बात है, कहीं दूर देश में सिंड्रेला नाम की सुंदर लड़की रहती थी। सुंदर होने के साथ-साथ सिंड्रेला बहुत समझदार और दयालु भी थी। सिंड्रेला की मां बचपन में ही गुजर गई थी। मां के गुजरने के बाद सिंड्रेला के पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। अब वह अपने पिता, सौतेली मां और दो सौतेली बहनों के साथ रहा करती थी। सौतेली मां और बहनों को सिंड्रेला बिल्कुल पसंद नहीं थी। उसकी सुंदरता और समझदारी से वे तीनों हमेशा जलती थीं, क्योंकि उसकी दोनों सौतेली बहनों के पास न अच्छी शक्ल थी और न ही अक्ल। एक दिन की बात है, सिंड्रेला के पिता को किसी काम के लिए बाहर जाना पड़ा। पीछे से सौतेली मां ने सिंड्रेला के साथ बुरा बर्ताव करना करना शुरू कर दिया। सबसे पहले तो उसने सिंड्रेला की खूबसूरत पोशाक उतरवा ली और उसे नौकरानियों वाले कपड़े पहनवा दिए। इसके बाद उन तीनों ने सिंड्रेला के साथ नौकरानी जैसा बर्ताव करना शुरू कर दिया। वो उससे खाना बनवाते, घर की सफाई करवाते, कपड़े-बर्तन धुलवाते और घर के बाकी सारे काम करवाते। यहां तक कि उन तीनों ने सिंड्रेला का कमरा भी ले लिया और उसे स्टोर रूम में रहने के लिए कह दिया। बेचारी सिंड्रेला के ...

स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी | Sleeping Beauty Story In Hindi

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एक बार की बात है, किसी बड़े राज्य में एक राजा अपनी रानी के साथ रहता था। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश थी। राजा अपनी प्रजा का ध्यान अच्छी तरह रखता था। इसलिए, सभी लोग राजा और रानी को दुआएं देते थे। सब कुछ होने के बाद भी उन दोनों को बस एक ही बात का दुख था कि उनकी कोई संतान नहीं थी। रानी सूरज की पूजा करती थी। उसे पूरा विश्वास था कि सूरज देवता की कृपा से उसे जरूर संतान की प्राप्ति होगी। एक दिन राजा और रानी बगीचे में घूम रहे थे। बगीचे में एक तालाब था। दोनों तालाब के किनारे बैठ कर प्रकृति का आनंद ले रहे थे। तभी वहां एक मेंढक आया और उसने कहा कि रानी को बहुत जल्द सूरज देव की कृपा से एक पुत्री की प्राप्ति होगी। मेंढक ने जो कहा था, वो सच हुआ और उसी साल रानी को सूरज देवता की कृपा से खूबसूरत बेटी हुई। रानी को सूरज देवता के आर्शीवाद से बेटी प्राप्त हुई थी, इसलिए उसका नाम सनशाइन रखा गया। राजा ने उसके पैदा होने पर बहुत बड़ा उत्सव रखा और उसमें सभी को बुलाया, लेकिन गलती से काली परी को बुलाना भूल गया। जब सभी राजकुमार को आशीर्वाद दे रहे थे, तभी काली परी आ गई और उसने गुस्से में राज को श्राप दिया कि जब तुम्...

द स्नो क्वीन - बर्फ की रानी की कहानी | The Snow Queen First Story In Hindi

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सालों पहले दुमका नगर में जेक नाम का एक बुरा लड़का रहता था। वह एक तरह का शैतान था। एक दिन उसने एक ऐसा जादुई शीशा बनाया, जिसमें सारी अच्छी चीजें बहुत छोटी और सभी बुरी व गंदी चीजें दस गुना बड़ी दिखती थीं। उसके इस जादुई शीशे में सुंदर शहर भी गंदे और डरावने दिखते थे। वहां के सुंदर लोग भी गंदे और डरावने लगते थे, क्योंकि उस आईने में उनकी छोटी-से-छोटी चोट भी बड़ी और खतरनाक दिखती थी। सभी खुद को इस तरह देखकर घबरा जाते थे। लोगों को घबराया हुआ देखकर उस शैतान लड़के को बहुत मजा आता था। वह अपने शीशे के इस जादू से बहुत खुश होता था। उसने शहर में अपने जैसे ही बुरे लोगों का एक समुदाय बना लिया था। वह पूरी दुनिया के अच्छे लोगों को उस शीशे में कैद करके अपने समुदाय में शामिल करने की कोशिश कर रहा था। ऐसा सोचकर वह रोज नए-नए शहर जाता और अच्छे लोगों को शीशा दिखाकर उन्हें कैद करके अपने शहर पहुंचा देता था। सभी जगहों पर जाकर उसने लोगों को शीशे में कैद कर लिया। अब ऐसा समय आ गया था कि कहीं भी कोई अच्छा इंसान ही नहीं बचा। सब उस शीशे में कैद हो चुके थे। अब उसके मन में हुआ कि क्यों न शीशे को स्वर्ग लोक ले जाकर परियों को कैद...

बौनों और मोची की कहानी - एल्वेस और शू मेकर | Shoemaker And The Elves Story In Hindi

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  किसी शहर में एक मोची रहा करता था। उसके घर के पास ही उसकी एक छोटी-सी दुकान थी। उस दुकान में वह मोची जूते बनाने का काम करता था। तैयार जूतों को बेचकर जो भी पैसे मोची के हाथ लगते उन्हीं से वह अपने परिवार का पेट पालता था। हालांकि, मोची अपना काम बड़ी मेहनत और लगन से करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसके जूते खरीदने वालों की संख्या कम होने लगी। ऐसे में उसे कम दाम पर अपने तैयार जूतों को बेचना पड़ता था। इसका नतीजा यह हुआ कि समय के साथ उसका सारा जमा पैसा भी खत्म हो चला। नौबत यह आ गई कि उसे घर चलाने के लिए अपनी पत्नी के गहने तक बेचने पड़ गए। इस कारण मोची बहुत उदास रहने लगा। उसको उदास देख मोची की पत्नी उसे दिलासा देती कि ऊपर वाले पर भरोसा रखो, सब ठीक हो जाएगा। भगवान हमारी मदद जरूर करेगा। पत्नी की यह बात सुनकर मोची झूठ-मूठ का मुस्कुरा देता और मन ही मन अपनी इस दशा को सोचकर चिंता में डूब जाता। एक समय ऐसा आया जब मोची की दुकान पर केवल एक जोड़ी ही जूते बचे। इसके अलावा, उसके पास और जूते बनाने का समान भी मौजूद नहीं रह गया था। वहीं, मुश्किल इस बात की थी कि उस एक जोड़ी जूते को खरीदने वाला भी कोई नहीं आ रहा था। जब ...

गोल्डीलॉक्स और तीन भालुओं की कहानी | Goldilocks And Three Bears In Hindi

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  बहुत समय पहले एक जंगल में भालू का परिवार रहता था। उसके परिवार में भालू, उसकी पत्नी और एक बच्चा था। सभी एक साथ खुशहाली से अपना जीवन बीता रहे थे। उनके घर में सबके लिए अलग-अलग पलंग, खाने की चम्मच, प्लेट, कटोरी जैसी सभी सुविधाएं थीं। भालू का घर भी बहुत सुंदर और सजा हुआ था, जिसे देखते ही हर कोई खुश हो जाता था। एक दिन सुबह-सुबह भालू के मन में नाश्ता करने से पहले सैर करने का ख्याल आया। भालू के पूरे परिवार को यह बात पसंद आई, लेकिन तभी भालू की पत्नी ने बताया कि उसने सबके पीने से लिए दूध गर्म कर दिया है। फिर उसने सोचा कि क्यों न दूध को सबके बर्तन में डालकर घूमने के लिए चला जाए। वापस आते वक्त दूध पीने लायक हो जाएगा। यह सोचते ही भालू की पत्नी ने ऐसा ही किया और तीनों घूमने के लिए बाहर चले गए। दोनों भालू पति-पत्नी हाथों में हाथ डाले घूम रहे थे और उनका बच्चा भी उनके साथ मस्ती करता हुआ चल रहा था।  “कितना सुहाना दिन है”, तीनों ने एक दूसरे से कहा। सूरज की किरणें पूरे जंगल में पड़ रही थी। सब कुछ सोने की तरह चमक रहा था। ठंडी हवा चल रही थी और आसमान में पंछी चहचहा रहे थे। वो तीनों इस नजारे का आनंद...

भेड़िया और बकरी के सात बच्चों की कहानी | Bhediya Aur Bakri Ke Sath Bache

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सालों पहले एक जंगल में डंपी नाम की बूढ़ी बकरी रहती थी, जिसके सात बच्चे थे। बकरी रोजाना बाहर जाती थी और बच्चों के लिए खाना लेकर आती थी। उसी जंगल में एक भेड़िया भी रहता था, जिसकी नजर बकरी के बच्चों पर थी। बकरी को भी इसके बारे में पता था, इसलिए वो अपने बच्चों को जंगली जानवरों से बचाने के तरीके बताती रहती थी। बकरी हमेशा कहती थी कि भेड़िया बहुत चालाक होता है और उसकी आवाज भारी व पैर काले होते हैं। ऐसा कोई भी दिखे जंगल में तो खुद को बचा लेना। एक दिन बकरी को खाना लेने के लिए दूर जाना था। उसने अपने सारे बच्चों को बुलाकर समझाया और कहा कि जब तक वो वापस नहीं आती तब तक घर का दरवाजा मत खोलना। सभी बच्चों ने कहा कि वो अपना ख्याल रखेंगे और मां को खुशी-खुशी विदा कर दिया। बकरी के जाने के कुछ देर बाद ही भेड़िया वहां पहुंचा और दरवाजा खटखटाने लगा। बकरी के बच्चों ने एक साथ पूछा कि कौन है। तब भेड़िया ने कहा कि बच्चों मैं तुम्हारी मां हूं। जवाब में बच्चों ने कहा कि हमारी मां की आवाज इतनी भारी नहीं है, तुम भेड़िया हो और हमें खाने आए हो। तब भेड़िया सोचने लगा कि बच्चे इतनी आसानी से हाथ नहीं आएंगे। उसे पता था कि श...

नन्हीं जलपरी की कहानी - द लिटिल मरमेड | Jal Pari Ki Kahani

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बहुत समय पहले की बात है, गहरे समुद्र में जलपरियों के राजा का राज्य हुआ करता था। उसकी छह सुंदर राजकुमारियां थीं, जिन्हें राजा बहुत प्यार करता था। उनमें से सबसे छोटी जलपरी का नाम इवा था। इवा सभी की चहेती थी, क्योंकि वह हर समुद्री जीव के बारे में अच्छा सोचती थी। जब भी जरूरत पड़ती थी, तो वह खुशी-खुशी उनकी मदद कर देती थी, लेकिन यह बात बाकी जलपरियों को अच्छी नहीं लगती थी। राजा ने नियम बनाया था कि जो भी जलपरी 18 साल की हो चुकी हो, तो वह समुद्र की ऊपरी सहत पर जा सकती थी। इस तरह उन्हें समुद्र के बाहर की दुनिया को देखने का मौका मिलता था। एक दिन राजा की पांचवीं परी का 18वां जन्मदिन था, तो उसे भी यह मौका दिया गया, जिसे देखकर इवा के मन में भी समुद्र की सतह पर जाने का मन हुआ। इवा ने भी अपने पिताजी यानी समुद्र के राजा से समुद्र की सतह पर जाने की इजाजत मांगी। इस पर राजा ने यह कहते हुए मना कर दिया कि समुद्र की सतह पर जाने के लिए वह अभी बहुत छोटी है। इस घटना के बाद से इवा को अपने 18वें जन्मदिन का इंतजार रहने लगा। समय बीतता गया और इवा अपनी दादी से समुद्र के बाहर की दुनिया के बारे में पूछती रहती ...

राजकुमारी और चांद खिलौना की कहानी | Rajkumari And Moon Toy Story In Hindi

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  किसी राज्य में एक राजा राज्य किया करता था। उसकी एक छोटी-सी बेटी थी, जो बहुत ही प्यारी और मासूम थी। वह हर रात अपने कमरे की खिड़की खोलकर असमान में निकले चांद तो ताकती रहती थी। एक दिन उसने राजा यानी अपने पिता से कहा कि पिताजी मुझे चांद चाहिए। मुझे चांद लाकर दो। मुझे उसके साथ खेलना है। राजकुमारी की यह बात सुनकर राजा हैरान हो गए और उसे समझाने की कोशिश करी कि यह मुमकिन नहीं है, लेकिन राजकुमारी ने तो चांद पाने की जिद पकड़ ली थी। चांद न मिलने की स्थिति में वह न कुछ खाती, न कुछ पीती। बस पूरी रात चांद को खिड़की पर बैठकर देखती रहती। इस कारण धीरे-धीरे राजकुमारी की तबीयत बिगड़ने लगी और वह काफी बीमार हो गई। राजकुमारी की यह हालत राजा से न देखी गई और उसने अपने मंत्रियों और दरबारियों को राजकुमारी के लिए चांद लाने का आदेश दिया। राजा का यह आदेश सुनकर सभी मंत्री और दरबारी हैरत में पद गए। उन्होंने राजा से कहा, “महराज चांद को लाना मुमकिन नहीं। यह हम भी जानते हैं और आप भी। ऐसे में हम चांद को राजकुमारी के लिए कैसे ला सकते हैं।” मत्रियों और दरबारियों की यह बात सुनकर राजा अपने राज्य में ऐलान करवा देते हैं कि ...

हंसेल और ग्रेटल - दो बच्चों की कहानी | Hansel And Gretel Story In Hindi

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सालों पहले पंडारी शहर के पंचमढ़ी जंगल के पास एक लकड़हारा अपने परिवार के साथ रहता था। उसके दो बच्चे थे हंसल और ग्रेटल। लकड़हारा अपने दोनों बच्चों से बेहद प्यार करता था, लेकिन उनकी सौतेली मां को दोनों बिल्कुल पसंद नहीं थे। लकड़हारा गरीब होने की वजह से बहुत मुश्किल से अपना परिवार चला रहा था। एक दिन उसने अपनी पत्नी से कहा, “इतने कम पैसों में घर-परिवार चलाना बहुत मुश्किल लग रहा है।” पति की यह बात सुनते ही उसने कहा कि तुम चिंता मत करो। मैं कोई रास्ता निकाल लूंगी, जिससे हम आराम से जिंदगी जी लेंगे। यह कहते हुए लकड़हारे की पत्नी के मन में हुआ कि क्यों न वो दोनों बच्चों को जंगल छोड़ दे, जिससे उनका खर्च कम हो जाएगा। इसी बीच जब एक दिन लकड़हारा बाजार गया, तो उनकी सौतेली मां हंसल और ग्रेटल को लेकर जंगल चली गई। उसने जंगल के बीच में दोनों को छोड़ दिया और कहा कि तुम लकड़ी इकट्ठा करो और मैं अभी आती हूं। इतना कहकर वह तेजी से अपने घर चली गई। कुछ समय बाद शाम हुई और दोनों परेशान होने लगे। ग्रेटल डर के मारे रोने लगी, लेकिन हंसल ने उसे चुप कराया और कुछ देर इंतजार करने को कहा। जैसे ही चांद निकला, तो हंसल और ग्...

नृत्य करने वाली - बारह राजकुमारियों की कहानी | Bara Rajkumari Ki Kahani

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एक समय की बात है किसी देश में एक राजा राज किया करता था। उसकी बारह राजकुमारियां थीं, जिनसे वह अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था। यही वजह थी कि राजा को सभी राजकुमारियों की सुरक्षा की बहुत चिंता रहती थी। राजकुमारियों के प्रति प्यार और चिंता के कारण राजा ने सभी राजकुमारियों के सोने का इंतजाम एक ही कक्ष में कर रखा था। राजा के सोने के बाद सभी राजकुमारियों के कक्ष के बाहर ताला लगा दिया जाता था। इसके बावजूद हर रात राजकुमारियां नए जूते पहनकर सोती थीं और अगली सुबह उनके जूते घिसे और फटे मिलते थे। सभी राजकुमारियों के रात भर कक्ष में रहने के बावजूद अगले दिन उनके जूते घिसे और फटे मिलना राजा को भी काफी हैरान कर देता था। राजा ने इस बात की जानकारी के लिए कई प्रकार के प्रयास किए, लेकिन फिर भी इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका कि हर सुबह राजकुमारियों के नए जूते फटे और घिसे क्यों मिलते थे। एक बात की सच्चाई पता लगाने के लिए एक दिन राजा ने घोषणा करवा दी कि जो भी राजकुमारियों के इस रहस्य के बारे में जानकारी देगा, उसका विवाह राजा उस व्यक्ति की पसंद की अपनी किसी भी एक बेटी के साथ करवा देगा। विवाह के साथ ही उस व्...